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भोपाल: झीलों की नगरी

बिड़ला मंदिर और ऐतिहासिक विरासत

भोपाल और बिड़ला मंदिर का इतिहास

भोपाल शहर की स्थापना 11वीं शताब्दी में परमार राजा भोज ने की थी, जिसके कारण इसे पहले 'भोजपाल' कहा जाता था। यह शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए प्रसिद्ध है। आधुनिक भोपाल का विकास नवाबों के शासनकाल में हुआ, जिससे यहाँ गंगा-जमुनी तहजीब देखने को मिलती है।

बिड़ला मंदिर (लक्ष्मी नारायण मंदिर)

भोपाल के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक, बिड़ला मंदिर का निर्माण भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति बिड़ला परिवार ने करवाया था। इसका निर्माण 1960 में शुरू हुआ और 1964 में पूर्ण हुआ। इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. कैलाश नाथ काटजू ने किया था।

वास्तुकला और स्थान

यह मंदिर भोपाल की सबसे ऊंची पहाड़ी, अरेरा हिल्स पर स्थित है। नागर शैली में बना यह मंदिर पीले रंग के रेतीले पत्थरों से निर्मित है। यह भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है। मंदिर परिसर में एक संग्रहालय भी है जहाँ 12वीं शताब्दी की मूर्तियां रखी गई हैं।

भोपाल के 10 रोचक तथ्य

देखने योग्य स्थान

Birla Mandir

बिड़ला मंदिर

शांति और आध्यात्म का केंद्र। यहाँ से आप भोपाल शहर का विहंगम दृश्य देख सकते हैं। यह मंदिर अपनी नक्काशी और सुंदर बगीचों के लिए प्रसिद्ध है।

लक्ष्मी-नारायण अरेरा हिल्स
Upper Lake

बड़ा तालाब (Upper Lake)

राजा भोज द्वारा बनवाया गया यह तालाब भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों में से एक है। यहाँ बोटिंग और सूर्यास्त का आनंद लिया जा सकता है।

बोटिंग 11वीं सदी